पश्चिमी हो रहे, भारतीयता खो रहे , और हम खड़े खड़े निर्लज्ज से पड़े रहे, माँ की आबर पश्चिमी हो रहे, भारतीयता खो रहे , और हम खड़े खड़े निर्लज्ज से पड़े रहे...
त्यागो तुम पश्चाति सभ्यता अपनाओ अपनी संस्कृति और परंपरा! त्यागो तुम पश्चाति सभ्यता अपनाओ अपनी संस्कृति और परंपरा!
मत चलो दूसरों के पीछे, अपना मार्ग स्वयं बनाओ। मत चलो दूसरों के पीछे, अपना मार्ग स्वयं बनाओ।
घरों को बड़ा करते-करते, हम खुद ही इतने बड़े हो गए, आधुनिकता की आड़ में, अपनी संस्कृति से परे हो गए। घरों को बड़ा करते-करते, हम खुद ही इतने बड़े हो गए, आधुनिकता की आड़ में, अपनी संस...
जाने मस्त कहाँ व्यस्त हो गया जो मानवता अब रुग्ण हो गई। जाने मस्त कहाँ व्यस्त हो गया जो मानवता अब रुग्ण हो गई।
नदियों से ही जीवन उपजा इनका दिल से धन्यवाद करें..। नदियों से ही जीवन उपजा इनका दिल से धन्यवाद करें..।